Tuesday, March 27, 2012

नारी - नाम है सम्मान का, या
         समाज ने कोई  ढोंग रचा है.

बेटी - नाम है दुलार का, या
         समाज के लिए सजा है.

पत्नी - किसी पुरुष की सगी है, या
           यह रिश्ता भी एक ठगी है.

माँ -  ममता की परिभाषा है, या
        होना इसका भी एक निराशा है.

नारी - नाम है स्वाभिमान का, या
          इसका हर रिश्ता है अपमान का.

7 comments:

  1. बाप रे...लगता है बहुत गुस्से मे लिखा है...लेकिन अच्छा लिखा है ।


    सादर

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  2. aap ki yae kavita naari kavita blog par dena chahtee hun kripaa kar kae email indianwomanhasarrived@gmail.com par swikriti dae

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  3. आज की सच्चाई से रूबरू कराती रचना आभार

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